आगर मालवा –
मुख्यमंत्री शहरी भू अधिकार योजना 2026 के तहत नगर पालिका आगर में आयोजित भू-अधिकार पत्र (पट्टा) वितरण कार्यक्रम शुक्रवार को विवाद के कारण बीच में ही रद्द करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान पट्टा वितरण को लेकर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमले के बीच विवाद की स्थिति बन गई, जिससे पूरा आयोजन बाधित हो गया।
प्रभारी मंत्री के जाने के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान की मौजूदगी तक सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा। लेकिन उनके कार्यक्रम से रवाना होने के बाद पट्टा वितरण को लेकर विवाद की स्थिति बनने लगी।
नगरपालिका अध्यक्ष और पटवारी के बीच हुआ तीखा विवाद
नगरपालिका अध्यक्ष निलेश पटेल का कहना था कि आयोजन स्थल पर उपस्थित सभी हितग्राहियों को वहीं पट्टा वितरित किया जाए। वहीं पटवारी महेश मालवीय ने कुछ पट्टों का वितरण करने के बाद शेष पट्टों को एसडीएम कार्यालय से वितरित करने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई और माहौल गरमा गया।
नगरपालिका अध्यक्ष धरने पर बैठे, कार्रवाई की मांग
विवाद बढ़ने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष आयोजन स्थल पर ही धरने पर बैठ गए और संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी काफी हलचल का माहौल बन गया।
पटवारी ने बताया आदेश का पालन कर रहा था
इस संबंध में पटवारी महेश मालवीय का कहना है कि कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राहियों को ही पट्टा वितरित किया जा रहा था, जबकि जो हितग्राही कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे उनके पट्टों को वापस एसडीएम कार्यालय में जमा कर वहीं से वितरण करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि वे केवल प्राप्त आदेशों का पालन कर रहे थे, लेकिन इस दौरान उनके साथ किया गया व्यवहार अनुचित था।
एसडीएम के आदेश में भी है पट्टे वापस जमा करने का उल्लेख
जब आयोजन से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी के व्यवस्था संबंधी आदेश का अवलोकन किया गया तो उसमें भी स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि पट्टा वितरण के बाद शेष बचे पट्टों को वापस एसडीएम कार्यालय में जमा किया जाएगा।
एसडीएम ने संभालने की कोशिश की, फिर भी रद्द हुआ कार्यक्रम
इस दौरान एसडीएम मिलिंद ढोके ने स्थिति को संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि अंततः कार्यक्रम को बीच में ही रद्द करना पड़ा।
पटवारी को फील्ड से हटाकर कार्यालय में किया अटैच
एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया कि पूरा घटनाक्रम शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई गलतफहमी से जुड़ा हुआ है। फिलहाल प्रारंभिक कार्रवाई के तहत संबंधित पटवारी को फील्ड से हटाकर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पट्टे लेने पहुंचे हितग्राही मायूस लौटे
इधर सुबह से ही अपने भू-अधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष हितग्राही कार्यक्रम स्थल पर इंतजार करते रहे, लेकिन विवाद के कारण अधिकांश लोगों को पट्टा नहीं मिल सका और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
जल्द होगा नया आयोजन
नगरपालिका अध्यक्ष निलेश पटेल ने कहा कि शेष बचे हितग्राहियों को पट्टा वितरण के लिए जल्द ही नया कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आज हुए घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए दोषी पटवारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की है।

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