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आगर मालवा –

सुसनेर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के पद पर पदस्थ पीठासीन अधिकारी सर्वेश कुमार यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार अभिभाषक संघ सुसनेर ने उनकी कार्यशैली को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सर्वसम्मति से कोर्ट बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया है।

अभिभाषक संघ की बैठक दिनांक 13 फरवरी 2026 को आयोजित की गई, जिसमें संघ के सभी सम्मानित सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में आरोप लगाया गया कि एसडीएम न्यायालय में प्रचलित प्रकरणों में पीठासीन अधिकारी का व्यवहार अभिभाषकों के प्रति उचित नहीं है, जिससे अधिवक्ताओं में असंतोष व्याप्त है।

कोर्ट बहिष्कार का ऐलान

पारित प्रस्ताव के अनुसार, अभिभाषक संघ सुसनेर के सभी सदस्य अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर के न्यायालय में प्रचलित प्रकरणों में पैरवी नहीं करेंगे तथा एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार करेंगे। साथ ही प्रस्ताव की प्रति आगर जिला अभिभाषक संघ आगर मालवा एवं अभिभाषक संघ नलखेड़ा को भी भेजे जाने का निर्णय लिया गया है।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिवक्ता इस प्रस्ताव के विरुद्ध कार्य करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बार एसोसिएशन सुसनेर के अध्यक्ष भूपेंद्र दादा भाई की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए एसडीएम सर्वेश यादव को सुसनेर से हटाकर अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर जिला आगर मालवा, आयुक्त उज्जैन संभाग एवं संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

पहले भी रहे हैं विवादों में

जानकारी के अनुसार, एसडीएम सर्वेश यादव की कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेष रूप से मां बगलामुखी मंदिर की व्यवस्थाओं एवं एसडीएम कार्यालय में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ व्यवहार को लेकर समय-समय पर विवाद की स्थिति बनी रही है। मां बगलामुखी मंदिर में तो पंडितों के आंदोलन के बाद उनको वहां के प्रशासक पद से हटाया गया था

फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि अभिभाषक संघ के इस निर्णय पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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