आगर मालवा- कलेक्टर कार्यालय आगर मालवा द्वारा एक अहम आदेश जारी करते हुए सरकारी अस्पताल में उपचार संबंधी शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। आदेश के अनुसार आवेदक द्वारा प्रस्तुत शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी क्लिनिक पर उपचार के लिए बाध्य किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जांच टीम का गठन किया है।
गठित दल में निम्न अधिकारी शामिल हैं:-
मिलिंद ढोके – अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आगर
डॉ. मनीष कुशवाह – सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय आगर
मनीष कुमार सोलंकी – जिला कोषालय अधिकारी
यह आदेश राम प्रसाद वर्मा, अपर कलेक्टर, जिला आगर मालवा द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
क्या हैं आरोप ?
शिकायत में सरकारी अस्पताल को “गरीबों के लिए लूट केंद्र” बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बावजूद मरीजों को निजी क्लिनिक की ओर भेजा जा रहा है।
अब आगे क्या ?
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे इन सवालों के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच दल को शिकायत की विस्तृत जांच कर 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा-

