आगर-मालवा। शहर के उज्जैन दरवाजा बाहर स्थित केवड़ा स्वामी रोड, वार्ड क्रमांक 12 में दूषित पेयजल आपूर्ति की गंभीर शिकायत पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है । गिरीश न्यूज़ ने बुधवार को खबर प्रकाशित करते हुए कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची इस शिकायत में साक्ष्य के साथ यह बताया था कि नगर पालिका के नलों से किस तरह का खराब पेयजल लोगों के घर में पहुंच रहा है और यह खबर प्रकाशित होने के बाद आज शुक्रवार सुबह लगभग 9:30 बजे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मिलिंद ढोके स्वयं मौके पर पहुंचे और रहवासियों से चर्चा कर समस्या की वास्तविक स्थिति जानी।
पेयजल के नमूने लेकर प्रयोगशाला से निरीक्षण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल के नमूने (सैंपल) लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाए, ताकि पानी की गुणवत्ता की पुष्टि हो सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
चलते नल से सैंपल लेने पर अड़े रहवासी
इसके पहले जब गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे नगर पालिका की टीम दूषित पानी के सैंपल लेने पहुंची थी तब यह घर में रखे पानी से सैंपल लेने का प्रयास कर रही थी लेकिन रहवासियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि क्षेत्र में नल एक दिन छोड़कर सुबह लगभग 9:20 बजे आते हैं। ऐसे में घरों में भरे पानी में गंदगी नीचे जम जाती है और ऊपर का पानी अपेक्षाकृत साफ दिखता है। रहवासियों ने मांग की कि सैंपल सीधे चलते नल से ही लिया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। काफी देर तक बहस और समझाइश के बाद भी रहवासी अपनी मांग पर अड़े रहे।
मामले को बढ़ता देख आज पहुंचे एसडीएम
मामले को बढ़ता देख शुक्रवार को एसडीएम मिलिंद ढोके, नगर पालिका परिषद के मुख्य अधिकारी एवं प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। उसे दौरान रहवासियों ने एसडीएम को बताया कि प्रारंभिक जांच के लिए पहुंची टीम में कोई वरिष्ठ अधिकारी या जल विभाग का इंजीनियर मौजूद नहीं था। जब कर्मचारियों से पूछा गया कि पीला या काला दिखाई देने वाला पानी क्या पीने योग्य हो सकता है, तो कथित रूप से जवाब मिला कि “पानी पीला या काला जरूर है, लेकिन पीने योग्य है।” हालांकि जब यही बात कैमरे के सामने कहने को कहा गया तो कर्मचारियों ने ऑन कैमरा कुछ भी कहने से इंकार कर दिया और अधिकारियों से बात करने की बात कही। पूरे घटनाक्रम को रहवासियों एवं पत्रकारों ने अपने कैमरों में रिकॉर्ड किया।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त
एसडीएम ने मौके पर स्पष्ट किया कि आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी ।

