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आगर मालवा – कानड़ नगर के राजवाड़ा मोहल्ला सहित कुछ अन्य क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला अब व्यापक जनआक्रोश का रूप ले चुका है। आरोप है कि जिस बावड़ी से क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जा रही थी, उसमें कई दिनों तक कुत्ता मरा पड़ा रहा और इसके बावजूद पेयजल का वितरण लगातार जारी रखा गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय नागरिकों में भय और नाराजगी पैदा की है, बल्कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनस्वास्थ्य पर खतरे का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से घरों में आ रहा पानी बदबूदार और मटमैला था। कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा जताया है। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।

कांग्रेस नेता राजमल सोनी ने आरोप लगाया कि बावड़ी में मृत कुत्ता होने की जानकारी के बावजूद जल आपूर्ति बंद नहीं की गई, जो सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ है।

भाजपा नेता कैलाशनारायण परिहार ने भी नगर परिषद की लापरवाही को गंभीर बताते हुए कहा कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण है।

पूर्व पार्षद का तीखा हमला

पूर्व पार्षद गौरीशंकर सूर्यवंशी ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है, लेकिन प्रेस वार्ता में पूरे मामले को साजिश बताकर पल्ला झाड़ना उचित नहीं है। सूर्यवंशी ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में शासन द्वारा निर्मित पानी की टंकी से सीधे वार्डों में जल आपूर्ति होती थी। उनका आरोप है कि वर्तमान परिषद ने टंकी की पाइपलाइन हटाकर निजी कुएं से पानी सप्लाई शुरू कर दी, जिससे इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने मांग की कि शासन द्वारा निर्मित टंकी से ही नियमित जल आपूर्ति बहाल की जाए।

सड़कों पर उतरा आक्रोश

पूर्व पार्षद सूर्यवंशी, कैलाश मालवीय, राजेश डीलर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद सीएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। राजवाड़ा से झंडा चौक तक ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि की सफाई

वहीं नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि बाबूलाल बीजापारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी घटना को साजिश करार दिया है। उन्होंने बताया कि लगता है कि किसी ने साजिशन एक मरा कुत्ता बावड़ी में फेंक दिया और उसके बाद फिर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं किसी भी तरह से दूषित पानी कानड़ नगर क्षेत्र में वितरित नहीं किया गया है हालांकि आरोपो के बाद उस बावड़ी से पानी अब नगर में वितरित करना बंद कर दिया है जिसमें मरा कुत्ता होने के आरोप लगाए जा रहे थे साथ ही उनका कहना है कि परिषद की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह मुद्दा उछाला जा रहा है –

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