आगर मालवा- केंद्रीय विद्यालय आगर मालवा के सामने स्थित नगर पालिका के ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर अभिभावकों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब धरना और अनशन तक पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा दिए गए सात दिन के आश्वासन के बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने से नाराज अभिभावक आज 9 सितंबर से केंद्रीय विद्यालय के सामने आगर-उज्जैन रोड पर धरना एवं अनशन शुरू कर रहे हैं।
दरअसल, विद्यालय के सामने नगर पालिका द्वारा कचरा डाले जाने से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और विद्यालय के वातावरण पर पड़ रहे कथित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर अभिभावक पूर्व में कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन दे चुके थे। उस समय कलेक्टर ने अभिभावकों से सात दिन का समय मांगते हुए मामले में कार्रवाई शुरू करवाने का आश्वासन दिया था।
8 सितंबर को फिर जनसुनवाई में पहुंचे अभिभावक
सात दिन की समय-सीमा पूरी होने पर 8 सितंबर को एक बार फिर अभिभावक कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। अभिभावकों ने कलेक्टर को स्मरण पत्र सौंपते हुए पूर्व में दिए गए आश्वासन की याद दिलाई और ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग दोहराई।
अभिभावकों का कहना है कि इसके बावजूद अभी तक उन्हें कोई संतोषजनक कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। इसी के चलते अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
आज से स्कूल के सामने धरना और अनशन
अभिभावकों के अनुसार, यदि ट्रेंचिंग ग्राउंड से कचरा हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं की जाती है तो 9 सितंबर से केंद्रीय विद्यालय के सामने आगर-उज्जैन रोड पर धरना एवं अनशन शुरू किया जाएगा। अभिभावकों ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़े इस मुद्दे पर अब वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
नगर पालिका और जिला प्रशासन के बीच भूमि को लेकर पेच
वहीं इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश जैन पटेल पूर्व में अपना पक्ष रखते हुए बता चुके हैं कि नगर पालिका करीब दो वर्षों से बड़ोद रोड पर जयसिंगपुरा के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जिला प्रशासन से भूमि की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्राम जामली के पास प्रस्तावित भूमि की दूरी और वहां स्थित समाधियों को लेकर भी नगर पालिका ने व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला दिया है।
नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा जैसे ही अनुकूल भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, नगर पालिका तत्काल ट्रेंचिंग ग्राउंड को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
कलेक्टर स्वयं हैं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष
मामले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्रीय विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन समिति में कलेक्टर की पदेन रूप से अध्यक्ष की भूमिका रहती है। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी इस समस्या के समाधान को लेकर अब अभिभावकों की नजर सीधे जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है।
अब आंदोलन पर टिकी नजर
सात दिन के आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं होने और 8 सितंबर को स्मरण पत्र दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप के बीच अब 9 सितंबर से अभिभावकों का धरना एवं अनशन शुरू हो रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभिभावकों के आंदोलन के बाद जिला प्रशासन और नगर पालिका ट्रेंचिंग ग्राउंड की समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएंगे, या फिर आंदोलन आगे और तेज होगा?

