आगर मालवा:
आगर मालवा जिले में शासकीय भूमि और धार्मिक भावनाओं से जुड़े स्थलों पर कथित अतिक्रमण और प्रशासन के फैसलों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। शुक्रवार को सर्व हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने लामबंद होकर छावनी चौराहा स्थित कंपनी गार्डन से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक हाथों में तख़्तिया लेकर एक रैली निकाली और प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें रखीं।
शमशान भूमि पर फायर स्टेशन का विरोध:-
सर्व हिंदू समाज द्वारा सौंपे गए पहले ज्ञापन में नाव घाट स्थित कच्चे श्मशान की भूमि पर प्रशासन द्वारा फायर स्टेशन के लिए दो एकड़ जमीन आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह जमीन वर्षों पुरानी है और यहाँ नवजात शिशुओं, लावारिस लाशों और पशुओं के शवों को दफनाया जाता रहा है।
हिंदू समाज का आरोप है कि प्रशासन ने हिंदू पक्ष को अंधेरे में रखकर यह भूमि आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे पूरे समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। ज्ञापन में माँग की गई है कि फायर स्टेशन का स्थान बदलकर उसे बस स्टैंड या इंद्रगाह के पास किसी अन्य शासकीय भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्टेशन का स्थान नहीं बदला गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापनों पर यह भी उल्लेख है कि 19 जुलाई 2026 को इस संबंध में चक्का जाम किया जाएगा।
गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की माँग:-
कलेक्टर को सौंपे गए दूसरे ज्ञापन में आगर नगर की महत्वपूर्ण शासकीय भूमि (गोचर भूमि) पर हो रहे अवैध कब्जों और स्थायी निर्माणों पर ध्यान आकर्षित किया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि गुफा बर्डी के पास, गोगोदेव महाराज मंदिर के समीप और बस स्टैंड के पास साप्ताहिक हाट बाजार की कीमती सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा कुछ अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन कोर्ट का स्टे होने के बावजूद आज भी वहां पक्का अवैध निर्माण किया जा रहा है, जो प्रशासन के लिए खुली चुनौती है। उन्होंने इस अतिक्रमण को तुरंत हटाकर कानून का राज स्थापित करने की माँग की। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा 7 दिनों के भीतर अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो वे सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।
दोनों ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की । इस पूरे आंदोलन को हरिशंकर लववंशी ने संबोधित किया, जबकि ज्ञापन का वाचन अनिल श्रीवास्तव और धर्मेंद्र गहलोत ने किया। अंत में कुणाल कुमरावत ने आभार व्यक्त किया।
