आगर-मालवा-
13 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के लिए पुलिस थाना के पीछे स्थित परेड ग्राउंड में टेंट, मंच सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं लेकिन प्रशासनिक सिस्टम ने कार्यक्रम समाप्त होने के 8 दिन बाद भी मैदान को पूर्व स्थिति में व्यवस्थित नहीं किया गया। मैदान की जगह-जगह से असमतल होने एवं कचरा और आयोजन से जुड़ी सामग्री बिखरी रहने से यहां नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों और पुलिस-सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी हो रही हे ।
प्रशासनिक संवेदनशीलता पर उठ रहे सवाल-
इस समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से मैदान को व्यवस्थित करने की पहल नहीं हुई। इसके बाद अब खिलाड़ियों ने खुद मैदान की सफाई का जिम्मा उठाया है। युवा मैदान में पड़ा कचरा और आयोजन की बची सामग्री हटा रहे हैं तथा मैदान को अभ्यास के योग्य बनाने के लिए उसे समतल करने का प्रयास भी कर रहे हैं। परेड ग्राउंड स्थानीय खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ पुलिस, सेना सहित अन्य सेवाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अभ्यास स्थल है। ऐसे में मैदान की स्थिति सीधे तौर पर उनकी नियमित तैयारी को प्रभावित कर रही है। खिलाड़ियों का खुद मैदान की सफाई और समतलीकरण में जुटना इस पूरे मामले को एक अलग तस्वीर देता है। जिस मैदान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने किया, आयोजन के बाद उसकी व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारी किसकी है ?
अब सवाल यही है कि खिलाड़ियों की इस पहल के बाद जिला प्रशासन मैदान की सुध कब लेगा और इसे नियमित अभ्यास के लिए पूरी तरह उपयोग योग्य कब बनाया जाएगा ?
