आगर -मालवा। 13 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम के लिए पुलिस थाना के पीछे स्थित परेड ग्राउंड में टेंट, मंच सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम समाप्त हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन मैदान को अब तक व्यवस्थित नहीं किया गया है।
कार्यक्रम के बाद मैदान की स्थिति ऐसी है कि यहां नियमित रूप से अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों और पुलिस, सेना सहित अन्य सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैदान का उपयोग क्षेत्र के युवा दौड़ और अन्य शारीरिक गतिविधियों के अभ्यास के लिए करते हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने जिस मैदान को आयोजन के अनुरूप तैयार कराया था, आयोजन समाप्त होने के बाद उसकी पूर्व स्थिति बहाल करने की ओर ध्यान नहीं दिया गया। मैदान की मौजूदा स्थिति से यह सवाल भी उठ रहा है कि आयोजन के बाद सार्वजनिक उपयोग में आने वाले इस महत्वपूर्ण मैदान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
खेल और शारीरिक अभ्यास के लिए मैदान पर निर्भर युवाओं का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन अभ्यास करना होता है। ऐसे में मैदान के व्यवस्थित नहीं होने से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है।
परेड ग्राउंड का संबंध केवल किसी एक आयोजन से नहीं है, बल्कि यह स्थानीय खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ पुलिस-सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नियमित अभ्यास स्थल है। इसलिए आयोजन के बाद मैदान को तत्काल साफ और उपयोग योग्य बनाया जाना आवश्यक है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ओर कब ध्यान देता है और मैदान को युवाओं के अभ्यास के लिए दोबारा व्यवस्थित कब किया जाता है?
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