आगर मालवा-
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आगर मालवा जिले के ग्राम कराडिया में शुक्रवार को जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को मौके पर सुनकर यथासंभव उनका तत्काल निराकरण करना था। शिविर में मप्र शासन के एसीएस संजय दुबे के साथ ही कलेक्टर शेरसिंह मीणा, एसपी दिलीप कुमार सोनी, विधायक मधु गहलोत, भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों के साथ जनसंवाद एवं उद्यम संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
लेकिन इसी शिविर का एक वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में एक ग्रामीण हाथ में माइक लेकर अपने गांव के विद्यालय, सड़क, नाली, शौचालय सहित अन्य बुनियादी समस्याओं को एक-एक कर सामने रखने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण अपनी बात अधिकारियों और मौजूद लोगों के सामने रखना चाहता है।
विडिओ में दिख रहा हे कि जब ग्रामीण अपनी समस्याएं बताने लगा तो उसे अपनी शिकायत पूरी तरह रखने से अधिकारियों और पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किया जाने लगा और जब ग्रामीण अपनी बात रखने पर कायम रहा तो उसके हाथ में मौजूद माइक को ही अधिकारियों और पुलिस द्वारा छीन लिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और उनका मौके पर समाधान करने के लिए शिविर आयोजित किया गया था, यदि उसी शिविर में कोई ग्रामीण अपनी मूलभूत समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने के लिए माइक का सहारा लेता है और उसे बोलने से रोका जाता है, तो फिर ऐसे शिविरों से आम जनता कितनी उम्मीद रखे?
ग्रामीणों की समस्याओं में विद्यालय, सड़क, नाली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। ये ऐसी समस्याएं हैं जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर संबंधित विभागों के माध्यम से किया जाना अपेक्षित है।
कराडिया के इस घटनाक्रम ने प्रशासन के सामने भी एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या जनविश्वास शिविर केवल समस्याओं के आवेदन लेने तक सीमित रहेंगे या वास्तव में ग्रामीणों को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर भी मिलेगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीण को अपनी समस्याएं रखने से रोकने और शिकायतकर्ता से इस तरह माइक छीनने के आरोप पर प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है और ग्रामीणों द्वारा बताई गई मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए क्या कार्रवाई की जाती है ?
