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आगर मालवा –

भारतीय किसान संघ ( मालवा प्रांत) की मातृशक्ति द्वारा नशे के खिलाफ हाथ में तख्तीया एवं बैनर लिए रैली निकाली गई और अंत में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नशे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव को एवं पुलिस अधीक्षक के नाम सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में अत्यंत गंभीर एवं जनहित से जुड़ा विषय उठाते हुए बताया गया कि पूरे प्रदेश में शहरों, कस्बो एवम जिला मुख्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, सार्वजनिक चौराहों, बाजारों तथा आवासीय बस्तियों के निकट तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब, ई-सिगरेट, चरस, गांजा, एम.डी., व्हाइटनर, पेट्रोल, आयोडेक्स एवं अन्य मादक पदार्थों का अवैध विक्रय एवं वितरण चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। नाबालिग विद्यार्थियों एवं युवाओं में इन पदार्थों का बढ़ता प्रचलन उनके शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, जिससे न केवल उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से टूटते जा रहे हैं। परिवारों की मेहनत की कमाई नशे में नष्ट हो रही है, अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है और समाज की संरचना कमजोर हो रही है।

उक्त स्थिति केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि गंभीर विधिक उल्लंघन का विषय है। Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 के अंतर्गत मादक एवं मनोप्रभावी पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर कठोर दंड का प्रावधान है। Cigarettes and Other Tobacco Products Act, 2003 (COTPA) की धारा 6 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है | Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के अंतर्गत बच्चों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति करना दंडनीय अपराध है। साथ ही Madhya Pradesh Excise Act, 1915 के प्रावधान अवैध मदिरा विक्रय पर कठोर दंड का अधिकार प्रदान करते हैं। इन सभी विधिक प्रावधानों के होते हुए भी यदि शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक चौराहों के आसपास नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं, तो यह कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों की परिधि में तथा शहर के प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष संयुक्त अभियान चलाकर सघन जांच एवं छापामार कार्यवाही की जाए, नशे के अवैध विक्रेताओं एवं सप्लाई नेटवर्क पर कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निलंबन / निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए, तथा नियमित पुलिस गश्त एवं निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही शिक्षण संस्थानों के सहयोग से नशा विरोधी जागरूकता अभियान, परामर्श कार्यक्रम एवं गोपनीय शिकायत तंत्र स्थापित किया जाए, जिससे विद्यार्थी एवं अभिभावक बिना भय के सूचना दे सकें।

महोदय, यह उन असंख्य माताओं-पिताओं की वेदना है जिनके सपने नशे की चपेट में आकर बिखर रहे हैं। हम मध्यप्रदेश को नशे की संस्कृति की ओर बढ़ते देखने के लिए तैयार नहीं हैं। आपके सक्षम एवं संवेदनशील नेतृत्व में हमें पूर्ण विश्वास है कि त्वरित, कठोर एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही कर शहर एवं गाँव को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे हमारे विद्यार्थियों, परिवारों एवं राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित रह सके।

ज्ञापन लेने के बाद कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव एवं सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने मातृशक्ति के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाही का आश्वासन दिया है।

इस दौरान विशेष रूप से वैशाली मालवीय प्रान्त महिला संयोजिका, मालवा प्रांत भारतीय किसान संघ एवं श्रीमति गीतादेवी भन्डावदीया जिला महिला संयोजिका भारतीय किसान संघ जिला आगर मालवा म.प्र. के साथी बड़ी संख्या में मातृ शक्ति उपस्थित रही –

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