आगर मालवा –
मंगलवार दोपहर स्थानीय मोतीसागर तालाब में नहाने गए एक 24 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान भगवानसिंह (पिता भेरूसिंह), निवासी ढाबला पीपलोन के रूप में हुई है। इस दुखद हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग और एम्बुलेंस प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है, जहाँ शव को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, भगवानसिंह अपने एक साथी के साथ मोतीसागर तालाब पर नहाने के लिए गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी की तरफ चला गया और डूबने लगा। जब वह काफी देर तक ऊपर नहीं आया, तो उसके साथी ने घबराकर शोर मचाया और आस-पास के लोगों को इकट्ठा किया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और SDRF (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल) को दी।
सूचना मिलते ही SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और गोताखोरों ने तालाब में सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने युवक के शव को पानी से बाहर निकाल लिया।
चंद मिनट पहले ही लौटी थी SDRF-
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह किस्मत का क्रूर खेल था कि घटना से कुछ देर पहले ही SDRF की टीम मोतीसागर तालाब में अपना नियमित प्रशिक्षण अभ्यास (मॉकड्रिल) पूरा कर वहां से रवाना हुई थी। लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा कुछ मिनट पहले हुआ होता या टीम वहीं मौजूद होती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
सिस्टम फेल: एम्बुलेंस नहीं आई, नपा की गाड़ी बनी ‘शववाहन’
इस हादसे ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोलकर रख दी। युवक का शव बाहर निकलने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाना था। परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने काफी देर तक एम्बुलेंस का इंतजार किया और कॉल किए, लेकिन घंटों बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची बाद मे नगर पालिका के बिजली सुधार कार्य (क्रेन/लोडिंग गाड़ी) में उपयोग होने वाले वाहन में शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
