आगर मालवा –
आगर के खसरा नंबर 1568 स्थित श्मशान भूमि पर प्रस्तावित फायर स्टेशन के निर्माण के विरोध में सर्व हिंदू समाज के बैनर तले शुरू किया गया अनिश्चितकालीन “श्मशान भूमि बचाओ आंदोलन” प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने फायर स्टेशन के लिए अन्य उपयुक्त शासकीय भूमि चिन्हित कर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया है।
11 अगस्त से नगर पालिका परिषद एवं श्री वीर हनुमान मंदिर के पास शुरू हुए धरने के बाद बुधवार को आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की जिला कलेक्टर के साथ बैठक हुई। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, विधायक मधु गहलोत, नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश पटेल जैन तथा आंदोलन समिति की ओर से राहुल माली और उमेश जादम मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर दिया आश्वासन
बैठक के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, विधायक मधु गहलोत और नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश पटेल जैन धरना स्थल पहुंचे। यहां समाजजनों और मीडिया के सामने उन्होंने कहा कि खसरा नंबर 1568 की श्मशान भूमि पर फायर स्टेशन नहीं बनाया जाएगा और इसके लिए अन्य उपयुक्त स्थान तलाशा जाएगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि समाज फायर स्टेशन के निर्माण के विरोध में नहीं है, बल्कि उसकी प्रस्तावित जगह को लेकर आपत्ति है। समाज के अनुसार खसरा नंबर 1568 की भूमि वर्षों से अंतिम संस्कार के लिए उपयोग में आती रही है और इसे श्मशान भूमि के रूप में संरक्षित रखा जाना चाहिए।
आंदोलन में सभी वर्गों का मिल रहा था सहयोग-
आंदोलन में भाजपा, कांग्रेस, हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और सर्व हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता की।
तीन प्रमुख मांगों पर समाज कायम
आंदोलन समिति ने खसरा नंबर 1568 की श्मशान भूमि को तत्काल संरक्षित करने, फायर स्टेशन को अन्य उपयुक्त स्थान पर बनाने तथा भविष्य में श्मशान भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने की मांग रखी है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हालांकि समिति ने स्पष्ट किया है कि वह प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर नजर रखेगी।
समिति सदस्य हरीश गवली मैं इस आंदोलन में गिरीश न्यूज़ की तरफ से मिले सहयोग के लिए धन्यवाद जताते हुए बताया है कि सर्व हिन्दू समाज प्रशासन से अपेक्षा करता है कि दिए गए आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और खसरा नंबर 1568 की श्मशान भूमि को सुरक्षित रखा जाएगा।
