आगर मालवा-
अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर ‘मध्य प्रदेश कोटवार आजाद कर्मचारी संघ (भोपाल)’ जिला इकाई आगर मालवा ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। जिले के कोटवारों ने अपनी ९ (नौ) सूत्री मांगों को लेकर सुसनेर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक १६५ के विधायक भैरव सिंह बापू, आगर विधायक मधु गहलोत तथा जिला कलेक्टर कार्यालय को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से कोटवार संघ ने मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश शासन तक अपनी आवाज पहुंचाने तथा इन मांगों का अतिशीघ्र निराकरण कराने की पुरजोर मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष विक्रम परमार के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कोटवारों ने अपनी दयनीय स्थिति और दशकों से चली आ रही समस्याओं को रेखांकित किया है। कोटवारों का कहना है कि वे अंग्रेजी शासनकाल के समय से पीढ़ी दर पीढ़ी शासन और जनता के बीच रीढ़ की हड्डी बनकर सेवा दे रहे हैं, परंतु आज भी वे अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख 9 सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं:-
1. शासकीय कर्मचारी का दर्जा: कोटवार कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देकर नियमितीकरण किया जाए।
2. मालिकाना हक: सेवाखाते की जो कृषि भूमि कोटवारों के पास है, उन्हें उसका मालिकाना हक दिया जाए।
3. वर्दी की राशि नगद मिले: कोटवारों को दी जाने वाली अत्यंत घटिया किस्म की वर्दी के स्थान पर वर्दी की राशि सीधे नगद खाते में जमा की जाए।
4. रिटायरमेंट पर एक लाख की सहायता: सेवानिवृत्ति होने पर शासन के आदेशानुसार ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) की एकमुश्त राशि दी जाए।
5. CUG सिम की सुविधा: शासन के पूर्व आदेशानुसार कोटवारों को कार्य संपादन के लिए सी.यू.जी. सिम उपलब्ध कराई जाए।
6. शिक्षित कोटवारों की पदोन्नति: डिग्री धारक और उच्च शिक्षित कोटवारों को उनकी योग्यता के अनुसार कार्य दक्षता और उचित पद दिया जाए।
7. समाप्त पदों पर पुनः बहाली: मध्य प्रदेश शासन के पूर्व आदेशानुसार जिन कोटवारों के पद समाप्त कर दिए गए हैं, उन्हें दोबारा बहाल कर भरा जाए।
8. वंशानुगत सुरक्षा: पीढ़ियों से सेवा दे रहे कोटवारों के पद समाप्त न किए जाएं और उनके पुत्रों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
9. दबंगों से मुक्ति और निष्पक्ष जांच: कोटवारों की सेवाभूमि पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को मुक्त कराकर सीमांकन कराया जाए, तथा कोटवारों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेकर निष्पक्ष जांच हो।
इस दौरान आगर मालवा जिले के बड़ी संख्या में कोटवार उपस्थित रहे।

