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आगर-मालवा:-

आगर जिले के ऑटो रिक्शा संचालकों ने पिछले छह महीनों से फिटनेस प्रमाणपत्र न बन पाने और ट्रैफिक पुलिस द्वारा उनके लगातार चालान बनाए जाने एवं अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर माननीय कलेक्टर महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में निम्लिखित प्रमुख समस्याएँ और माँगें रखी गई है:-

फिटनेस सेवाएँ बंद:- 

जिला परिवहन कार्यालय, आगर में फिटनेस प्रमाणपत्र की सुविधा पिछले 6 महीनों से पूरी तरह बंद है। स्थानीय विभागीय स्तर पर सेवा शुरू करने के आश्वासन के बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

ATS की अनिवार्यता का बोझ:-

शासन के नए नियमों के अनुसार वाहनों की फिटनेस केवल ‘ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन’ (ATS) के माध्यम से होनी है। चूँकि आगर जैसे छोटे जिले में ATS उपलब्ध नहीं है, वाहन स्वामियों को 150 से 200 किलोमीटर दूर अन्य जिलों में जाना पड़ रहा है। ऑटो रिक्शा का संचालन क्षेत्र सीमित (लगभग 15 किमी) होता है। इतनी लंबी दूरी तय करना न केवल खर्चीला है, बल्कि वाहन मालिकों के लिए समय की बर्बादी और अतिरिक्त आर्थिक भार का कारण बन रहा है।

दस्तावेजों का अभाव और चालानी कार्रवाई:

फिटनेस न होने के कारण वाहनों के परमिट जारी नहीं हो पा रहे हैं और दुर्घटना की स्थिति में बीमा क्लेम (Insurance Claim) निरस्त होने का डर बना रहता है। विडंबना यह है कि विभाग द्वारा सुविधा उपलब्ध न कराने के बावजूद चालकों पर निरंतर चालानी कार्रवाई की जा रही है।

हड़ताल की चेतावनी:-

बाबा बैजनाथ ऑटो रिक्शा यूनियन आगर ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे जिले भर में ऑटो रिक्शा का संचालन बंद कर देंगे। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम जनता के आवागमन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

माँगे :-

चालकों ने मांग की है कि जनहित को देखते हुए आगर जिले में ही फिटनेस प्रमाणपत्र की सेवा पुनः प्रारंभ की जाए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, जब तक सेवा बंद है, तब तक वाहन स्वामियों के विरुद्ध की जा रही चालानी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

यातायात प्रभारी ने कहा अपनाएंगे मानवीय दृष्टि-

इस संबंध में यातायात प्रभारी जगदीश यादव से जब गिरीश न्यूज़ ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि ऑटो चालकों के सामने आ रही समस्या उनकी जानकारी में है। कुछ आटो चालकों ने बाहर जाकर उज्जैन आदि जगहों से फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाया भी है पर कई ऑटो चालक समझाइश के बाद भी इसमें ज्यादा रुचि नहीं नहीं दिखा रहे हैं ऐसे में बिना फिटनेस बिना परमिट के चल रहे ऑटो पर हमें नियमानुसार कार्रवाई तो करना पड़ती है फिर भी हमने करीब 10-15 दिन पहले परिवहन विभाग आगर को एक पत्र लिखकर इस मामले की वस्तु स्थिति के संबंध में जानकारी चाही है पर अभी तक परिवहन विभाग द्वारा हमें कोई अपडेट नहीं दिया गया है। हम विभाग से जल्द से जल्द अपडेट लेने का प्रयास कर रहे हैं और जानकारी मिलने पर जिस तरह के तथ्य हमारे सामने आएंगे आगे हम उसी तरह कार्य करेंगे। फिलहाल जब तक मामला स्पष्ट नहीं हो जाता है तब तक ऑटो चालकों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई में थोड़ी शिथिलता प्रदान करेंगे।

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