आगर मालवा-
आगर मालवा जिले में कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना और पत्रकारों के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ सामने आया है।
कलेक्टर द्वारा जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रशासनिक आयोजन में पत्रकारों को कवरेज करने से रोकने के साथ ही उनकी अन्य विवादित कार्यशैली को लेकर जिले के पत्रकारों द्वारा पूर्व में पारित किए गए निंदा प्रस्ताव से आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाडली बहना की प्रदेश हितग्राहियों को राशि वितरित करने हेतु आज आगर मालवा पहुंचे थे। इस दौरान जिले के पत्रकारों ने हेलीपड पर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना को तत्काल हटाए जाने की मांग की।
पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कलेक्टर द्वारा पत्रकारों को कवरेज करने से रोकने , पत्रकारों के साथ कथित उपेक्षापूर्ण व्यवहार और संवादहीनता को लेकर पत्रकारों में नाराजगी है।
गौरतलब है कि शनिवार को आगर नगर के गांधी उपवन गार्डन में आगर नगर एवं जिले के पत्रकारों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में इन तमाम मुद्दों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना के कार्यव्यवहार की घोर निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था।
पत्रकारों ने राज्य शासन से मांग की थी कि कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना को तत्काल हटाकर ऐसे अधिकारी को आगर मालवा का कलेक्टर बनाया जाए, जो पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर जवाबदेही के साथ कार्य करे।
इसी निंदा प्रस्ताव को आधार बनाकर पत्रकारों ने आज मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए कलेक्टर को जिले से हटाने की मांग की हे ।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पत्रकारों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन और कलेक्टर के खिलाफ पारित निंदा प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव क्या कार्रवाई करते हैं?
क्या कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना को लेकर शासन स्तर पर कोई निर्णय होगा?
या फिर पत्रकारों और प्रशासन के बीच चल रहे इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा?
फिलहाल, मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद आगर मालवा में यह विवाद और महत्वपूर्ण हो गया है।
