आगर-मालवा, 13 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को आगर-मालवा पहुंचकर प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में सितंबर माह की किस्त के रूप में 1,835 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस दौरान उन्होंने जिले को 255 करोड़ रुपये से अधिक के 50 विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात दी।
परेड ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें अब केवल लाभ लेने वाली नहीं, बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल नारों से संभव नहीं है, इसके लिए प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है।
17 सितंबर से 50 लाख भू-अधिकार अभिलेखों की निःशुल्क रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 17 सितंबर से मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख भू-अधिकार पट्टाधारियों के भू-अधिकार अभिलेखों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। इससे पट्टे की जमीन पर हितग्राहियों को मालिकाना हक मिल सकेगा।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय और लाभार्थियों से आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर घर-घर दीप जलाकर दीपावली मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को इस संबंध में संकल्प भी दिलाया।
आगर को 255 करोड़ से अधिक के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा जिले में 255 करोड़ रुपये से अधिक के 50 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें लगभग 225 करोड़ रुपये के 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 28 करोड़ रुपये से अधिक के 17 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
इन कार्यों में सड़क, पुल, तालाब, सिंचाई, शिक्षा, पुलिस अधोसंरचना, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं।
आगर विधानसभा को मिली प्रमुख सौगातें
आगर विधानसभा क्षेत्र में तनोडिया-मटकोटा मार्ग, सियाखेड़ी तालाब, शासकीय विधि महाविद्यालय, भीमपुरा तालाब, पुलिस लाइन में आवास गृह, विभिन्न उच्च स्तरीय पुल, छात्रावास और स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष एवं प्रयोगशालाओं सहित अनेक कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
शासकीय विधि महाविद्यालय के लिए 19.45 करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान प्रमुख सौगातों में शामिल है।
सुसनेर विधानसभा को भी बड़ी सौगात
सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में आमला-नलखेड़ा मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए 55.38 करोड़ रुपये तथा नलखेड़ा बायपास के लिए 13.12 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा पुल, छात्रावास, सड़क और विद्यालयों से जुड़े कई कार्य भी शामिल हैं।
लाड़ली बहना योजना के तहत 63,560 करोड़ रुपये से अधिक अंतरित
कार्यक्रम में बताया गया कि जून 2023 से अगस्त 2026 तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं के खातों में 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है, जबकि इस वित्तीय वर्ष के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार उज्जैन में वर्ष 2022-23 में लगभग 70 लाख श्रद्धालु आए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 8 करोड़ हो गई है। उन्होंने प्रदेश में इस वर्ष 20 करोड़ से अधिक पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के आने की बात भी कही।
2030 तक प्रदेश में चलेंगी 15 हजार और बसें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए गांव-गांव और पंचायत स्तर तक बस सेवा का विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक प्रदेश में 15 हजार और यात्री बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
आगर में औद्योगिक निवेश और विधि महाविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिले में औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश से नई औद्योगिक इकाई का काम शुरू होने की जानकारी उन्होंने दी। साथ ही आगर को शासकीय विधि महाविद्यालय की सौगात मिलने की बात कही।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद डॉ. महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक माधव सिंह ‘मधु’ गहलोत, विधायक भेरूसिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नाबाई चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें और हितग्राही मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं से मुलाकात कर उन्हें दुलार और मिठाई खिलाई।
कार्यक्रम के दौरान विधायक मधु गहलोत ने क्षेत्र के लिए नई सड़कों, ग्रामीण सड़कों, सांदीपनि विद्यालयों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, चार नई गौशालाओं, बैजनाथ लोक और प्रस्तावित सिंचाई डेम सहित विभिन्न मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने मांगों पर परीक्षण कर स्वीकृति का भरोसा दिलाया तथा चार नई गौशालाओं के निर्माण की घोषणा की।

