आगर मालवा- सुसनेर सिविल अस्पताल के प्रसूति वार्ड (मैटरनिटी विंग) में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ पर गर्भवती महिला और उसके परिजनों के साथ गंभीर लापरवाही तथा अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. बी. बी. पाटीदार ने एक चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुसनेर के खटला गली निवासी फिजा खान ने बा में को दिए अपने शिकायती आवेदन में बताया है कि 20 जून 2026 को वे अपनी गर्भवती भाभी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची थीं। शिकायती आवेदन में फिजा खान ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 11 बजे जब वे अस्पताल पहुंचे, तो प्रसूति वार्ड में तैनात चार नर्सें, जिनमें एक का नाम संजना है भी शामिल थीं, लंच कर रही थीं। आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद नर्सों ने मरीज को देखने से साफ मना कर दिया और अस्पताल नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अन्य मरीजों को भी बिना उपचार के वापस लौटाया जा रहा था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने इलाज न मिलने का विरोध किया और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने अत्यंत बदतमीजी और अहंकार दिखाते हुए कहा, “करो जहां शिकायत करना है, हमें किसी का डर नहीं है।” नर्सों की इस संवेदनहीनता के कारण गर्भवती महिला और उसके परिजनों को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
पीड़ित पक्ष द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र पर संज्ञान लेते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस जांच दल मे
डॉ. अखिलेश कुमार बागी (एम.ओ.), डॉ. नीलम जैन (एम.ओ.), श्रीमती पुजा गोहिते (एम.ओ.), श्री दौलत मुजाल्दे (बीपीएम) को शामिल किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक, यह जांच टीम दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर तीन दिवस के भीतर दोषी कर्मचारी के नाम एवं स्पष्ट टीप सहित अपनी जांच रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करेगी।
जब इस संबंध में आरोपी नर्स संजना गोस्वामी से गिरीश न्यूज़ ने चर्चा की तो उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया। उन्होंने कहा, “मैं आरोप लगाने वाली महिला को जानती तक नहीं हूँ। अस्पताल में आने वाले हर मरीज की हम पूरी जिम्मेदारी और अच्छे से देखभाल करते हैं, लेकिन कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर हमारे ऊपर झूठे आरोप लगाए जाते हैं।”
वहीं ब्लाक मेडिकल ऑफिसर ने चर्चा के दौरान गिरीश न्यूज़ को बताया “हमने मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी-

