IMG 20260518 WA00081 scaled

आगर-मालवा-

दिवाली की खुशियों के बीच घर के आंगन में खेल रहे एक 13 वर्षीय मासूम को अचानक गोली लग जाती है, इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाती है, और पुलिस प्रशासन घटना के 7 महीने बीत जाने के बाद भी अंधकार में तीर चला रहा है। यह झकझोर देने वाला मामला मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक बेबस पिता अपने मृत बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए हर उसे कार्यालय के चक्कर लगा रहा है जहां से उसे इंसाफ की आशा है।

​ग्राम घुरासिया निवासी पीड़ित पिता गोपाललाल (पिता शंकर जी) ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

​शिकायती पत्र के अनुसार, घटना पिछले साल दिवाली के दिन यानी 18 अक्टूबर 2025 की है। गोपाललाल का 13 वर्षीय पुत्र रवि सूर्यवंशी अपने घर के आंगन में खेल रहा था। अचानक रवि की मां भूरीबाई के चिल्लाने की आवाज आई। जब परिजन दौड़े, तो देखा कि रवि जमीन पर बेहोश पड़ा था और उसके सिर से खून बह रहा था। शुरुआती पल में परिजनों को लगा कि शायद किसी पत्थर से चोट लगी है।

​गंभीर हालत में रवि को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उसे उज्जैन रेफर कर दिया। उज्जैन के एक निजी हॉस्पिटल में जब मासूम का सीटी स्कैन (CT Scan) कराया गया, तो डॉक्टरों के साथ-साथ परिवार के भी होश उड़ गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि रवि के सिर में बन्दुक की गोली लगी थी।

​इसके बाद उसे गंभीर हालत में इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल और फिर एम वाई.एच. हॉस्पिटल इंदौर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान मासूम रवि ने दम तोड़ दिया। इस खबर ने पूरे परिवार को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया।

7 महीने बाद भी पुलिस अंधेरे में चल रही अपने तीर-

​पीड़ित पिता गोपाललाल का कहना है कि उनकी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि उनके बेटे को गोली कहाँ से और किसने मारी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। घटना को बीते लगभग 7 महीने हो चुके हैं, लेकिन पुलिस विभाग द्वारा अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही किसी आरोपी का पता लगाया जा सका है। पीड़ित का आरोप है कि जब भी वे पुलिस अधिकारियों से पूछताछ करने जाते हैं, तो उन्हें केवल आना-कानी और टालमटोल का जवाब मिलता है।

इस संबंध में जब गिरीश न्यूज़ ने थाना प्रभारी कानड़ आर. के. दांगी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि पुलिस इस मासूम बालक की मौत के रहस्य को सुलझाने का हर संभव प्रयास कर रही है अभी तक हमारे हाथ कुछ विशेष नहीं लगा है। हम सभी तकनीकी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन एवं जांच कर रहे हैं आशा है जल्दी कुछ सफलता हमें मिले।

एक बार फिर एसपी से लगाई न्याय की गुहार-

​थक-हारकर पीड़ित पिता ने एक बार फिर 10 मई 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर इस घटना के दोषियों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के साथ पुलिस रिपोर्ट, अकाल मृत्यु की सूचना, मेडिकल दस्तावेज और आधार कार्ड की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं-

20260518 113821 scaled

यह भी पड़े