आगर मालवा –
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने आज एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आगर मालवा जिले की बड़ोद तहसील कार्यालय में पदस्थ पटवारी राजकुमार चौहान को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। पटवारी ने यह रिश्वत जमीन के सीमांकन की रिपोर्ट देने के बदले मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम झलारा (तहसील बड़ोद, जिला आगर) के निवासी आवेदक श्री पाल सिंह परिहार पिता श्री श्याम सिंह जी ने अपनी जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि पटवारी राजकुमार चौहान ने सीमांकन करने के एवज में पहले ₹25,000 की रिश्वत की मांग की थी। सौदा तय होने के बाद आवेदक से ₹15,000 की रिश्वत लेकर पटवारी ने जमीन का सीमांकन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद सीमांकन की रिपोर्ट देने के बदले फिर से ₹5,000 की रिश्वत की मांग पर अड़ गया।
परेशान होकर आवेदक श्री पाल सिंह परिहार ने दिनांक 01 जून 2026 को उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक (SP) आनंद कुमार यादव को एक शिकायती आवेदन सौंपा। लोकायुक्त एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच निरीक्षक दीपक सेजवार को सौंपी। लोकायुक्त टीम द्वारा जब शिकायत का सत्यापन कराया गया, तो पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सच पाई गई।
शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आज जैसे ही आवेदक श्री पाल सिंह परिहार तहसील कार्यालय बड़ोद स्थित पटवारी कार्यालय पहुंचे और पटवारी राजकुमार चौहान को रिश्वत के ₹5,000 थमाए, वैसे ही पहले से तैयार बैठी लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया और पटवारी को रंगे हाथों धर दबोचा। टीम ने जब पटवारी के हाथ धुलवाए तो केमिकल के कारण उनके हाथ गुलाबी हो गए।
इस पूरी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाली लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम में डीएसपी (DSP) राजेश पाठक, निरीक्षक दीपक सेजवार, आरक्षक शिवकुमार शर्मा, आरक्षक अनिल, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव और रमेश डाबर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त पुलिस द्वारा पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
