आगर-मालवा। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने गुरुवार, 5 नवंबर को बड़ौद में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों पर एक महिला की सहायिका पद पर नियुक्ति के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ौद निवासी बहादुर लोहार ने 4 नवंबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी पत्नी रामू की महिला एवं बाल विकास परियोजना में सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के बदले परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची द्वारा 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायतकर्ता द्वारा राशि कम करने का निवेदन करने पर परियोजना अधिकारी 60 हजार रुपये लेने के लिए सहमत हो गया। इसके बाद रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 30 हजार रुपये देना तय हुआ। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और गुरुवार को जैसे ही परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान एवं सुपरवाइजर जयश्री खींची ने 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की, टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में की गई।
ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिव कुमार शर्मा, संदीप राव कदम, विशाल रेशमिया तथा सहायक ग्रेड-3 रश्मि महेश्वरी एवं सुनीता चौधरी सहित लोकायुक्त टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
रिश्वत मांगे तो लोकायुक्त से करें शिकायत
लोकायुक्त संगठन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य को करने के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त उज्जैन के शासकीय दूरभाष नंबर 0734-2512756 पर की जा सकती है।
