आगर मालवा- जिले की आशा और आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। वर्षों से बकाया भुगतान, घोषित मानदेय वृद्धि और केंद्र सरकार द्वारा जारी राशि के भुगतान में अनियमितताओं को लेकर संघ ने आज कंपनी गार्डन से रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
म.प्र. आशा/आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ, आगर मालवा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2005 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत आशा एवं आशा पर्यवेक्षक बहनें प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा पूर्व में घोषित ₹1000 वार्षिक वृद्धि और केंद्र सरकार से जारी ₹1500 की राशि का नियमित भुगतान अब तक सुनिश्चित नहीं किया गया है।
संघ का आरोप है कि मासिक प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई-कई महीनों तक लंबित रहता है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि त्योहारों के समय भी भुगतान नहीं होने से स्थिति और अधिक दयनीय हो जाती है, जबकि अन्य विभागों में समय पर वेतन और भत्ते दिए जाते हैं।
मुख्य मांगें:
संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि —
₹1500 की केंद्रांश राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
घोषित ₹1000 वार्षिक वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू की जाए।
बकाया भुगतान जल्द जारी किया जाए।
आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों को सामाजिक सुरक्षा और नियमित वेतनमान दिया जाए।
भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
संघ का कहना है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
इस दौरान जिला अध्यक्ष श्रीमती रेखा अजमेरा, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती नर्मदा सोनानिया, जिला सलाहकार कल्पना राठौर, कविता मालवीय, गीरजेश यादव एवं जिले भर की अधिकांश आशा एवं आशा पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

