आगर मालवा –
सोयतकलां के ग्राम बराई में ट्रांसफार्मर पर कार्य के दौरान करंट लगने से बिजली कर्मचारी चेन सिंह कंडारा की दर्दनाक मौत के बाद गुरुवार को सोयत में परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद सुबह करीब 10 बजे आक्रोशित परिजनों ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पीड़ावा रोड चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और बिजली कंपनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लाइन पर काम करने के दौरान बिना शटडाउन या सुरक्षा सुनिश्चित किए बिजली सप्लाई चालू कर दी गई, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया और महज छह माह की मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतक के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति, नियमित पेंशन तथा इस पूरी घटना के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
इस बीच हादसे के बाद उपजे भारी जनआक्रोश और दबाव के बीच बिजली कंपनी ने प्रारंभिक कार्रवाई की है। कार्यालय अधीक्षण यंत्री (संचालन/संधारण), म.प्र.प.क्षे.वि.वि. कंपनी लिमिटेड, आगर मालवा द्वारा जारी आदेश जारी करते हुए कर्तव्य में गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर सोयत वितरण केंद्र में कार्यरत दो कुशल आउटसोर्स कर्मचारियों, मुकेश दांगी एवं योगेन्द्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है। कंपनी ने बाह्य स्रोत एजेंसी ‘प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ को इनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
केवल निलंबन पर्याप्त नहीं, दर्ज हो FIR: ग्रामीण-
हालांकि, प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है कि केवल दो छोटे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाना इस गंभीर मामले की इतिश्री नहीं है। उन्होंने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की जाए और बिजली कंपनी के उन वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर भी आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज किया जाए, जिनकी लापरवाही की वजह से लाइन चालू हुई।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी-
चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एई सिद्धार्थ बम्बोरी और एसडीओपी देवनारायण यादव सहित भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिजनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगों पर प्रशासन और कंपनी द्वारा ठोस व लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा-

