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आगर-मालवा। ग्राम पंचायत मालीखेड़ी-गुरुखेड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पूर्व सरपंच-प्रतिनिधि पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हे । ग्रामीणों ने मांग की है कि कथित फर्जी पट्टा वितरण और राजस्व भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2019 में सरपंच-प्रतिनिधि द्वारा एक लाख रुपये लेकर कई लोगों को फर्जी पट्टे वितरित किए गए जबकि ग्राम पंचायत द्वारा इस तरह पट्टे वितरित करने का अधिकार शासन ने वर्ष 2018 में ही समाप्त कर दिया था पर इसके बाद भी वर्ष 2019 में पट्टे बाटे गए। ग्रामीणों ने बताया की इस प्रकरण की जांच तत्कालीन एसडीएम द्वारा कराई गई थी, जिसमें कथित रूप से फर्जी पट्टों की पुष्टि होने पर सभी पट्टे निरस्त कर दिए गए थे।

इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि निरस्त किए जा चुके कथित फर्जी पट्टों पर अवैध निर्माण कराया जा रहा है जिससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्य में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा अवैध निर्माण करने वालों की सहायता की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 9 दिसंबर 2025 को जनसुनवाई में शिकायत की गई थी। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक अवैध निर्माण करने वालों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूर्व सरपंच-प्रतिनिधि के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, राजस्व भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए तथा ग्राम पंचायत मालखेड़ी-गुरखेड़ी के पात्र ग्रामीणों को नियमानुसार आवासीय एवं आवंटित भूमि का लाभ दिलाया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे-

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