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आगर मालवा-

लोकसभा में पिछले दिनों महिला आरक्षण एवं परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर्याप्त संख्या बल के अभाव में गिर गया. सरकार विपक्ष पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगा रही है लेकिन विपक्ष इसे सरकार के षड्यंत्र के तौर पर पेश कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को आगर मालवा जिला मुख्यालय रेस्ट हॉउस में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा की प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट श्रीमती स्वाति चोपड़ा ने कांग्रेस की नीतियों को महिला विरोधी करार दिया।

श्रीमती चोपड़ा ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को उनका हक दिलाने का संकल्प लिया है, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने इस अधिनियम में रोड़े अटकाकर देश की 70 करोड़ महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों पर डाका डाला है, जिसका जवाब देश की जनता आगामी समय में जरूर देगी।

कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि शाहबानो प्रकरण से लेकर तीन तलाक और अनुच्छेद 370 के खात्मे तक, कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत लोकसभा और विधानसभाओं का पुनर्गठन जनगणना के बाद परिसीमन आयोग द्वारा ही किया जाता है। वर्ष 2026 तक परिसीमन स्थगित रखने का निर्णय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय लिया गया था ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व संतुलित रहे।

गिरीश न्यूज़ के सवाल पर स्पष्टीकरण

प्रेस वार्ता के दौरान जब ‘गिरीश न्यूज़’ ने सवाल किया कि ‘ भाजपा को मालूम था कि इस संविधान संशोधन के लिए आवश्यक बहुमत की कमी है और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष का साथ नहीं मिल पा रहा है, तो फिर इस महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को परिसीमन अलग से पारित क्यों नहीं किया गया?’ इस पर श्रीमती चोपड़ा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लागू करने के लिए परिसीमन एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है। मूल अधिनियम में ही इसका प्रावधान है और उस समय विपक्ष ने विरोध नहीं किया था। अब विपक्ष केवल बहानेबाजी कर इसे अटकाने की राजनीति कर रहा है।

श्रीमती चोपड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए आश्वस्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।

​इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान, जिला महामंत्री मयंक राजपूत, भेरुसिंह चौहान, निलेश पटेल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।